- पौड़ी
रिपोर्ट -अरुण पंत
-जनपद में लगातार हो रही बारिश के बीच जिलाधिकारी ने मंगलवार को आपदा कंट्रोल रूम पहुंचकर विभिन्न क्षेत्रों में बारिश, भूस्खलन, राहत एवं बचाव कार्यों तथा आवश्यक सेवाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
महरगांव में भूस्खलन की सूचना मिलते ही प्रशासन, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। प्रारंभिक सूचना के अनुसार चार लोग मलबे में दबे थे, जिनमें से एक महिला को ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जबकि तीन अभी मलवे में दबे है। उन्होंने बताया की घटनास्थल पर एंबुलेंस और मेडिकल टीम भी भेजी गई है। राहत एवं बचाव कार्य जारी है। वहीं बैरगांव में भूस्खलन से घायल महिला को सतपुली हंस चिकित्सालय पहुंचाया गया।

जिलाधिकारी ने भूस्खलन से बाधित सड़कों को प्राथमिकता से खोलने के निर्देश दिए। सतपुली-गुमखाल मार्ग को जेसीबी की मदद से सुचारू किया गया, जबकि गुमखाल-द्वारीखाल-महरगांव मार्ग खोलने के लिए भी मशीन भेजी गई है।
आपदा कंट्रोल रूम में जिलाधिकारी ने सड़क, पेयजल, विद्युत सहित आवश्यक सेवाओं की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने फीडर ब्रेकडाउन होने पर विद्युत विभाग को तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और नदियों व गदेरों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश काला ने बताया की आपदा की परिस्थितियों से लड़ने के लिए जिला प्रशासन व आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से तैयार है उन्होंने बताया कि जहां से भी घटना की सूचना आ रही है वहां पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन व आपदा प्रबंधन की टीम को भेजा जा रहा है जिससे राहत बचाव कार्य कर जनधन हानि को काम किया जा सके।

