
स्वच्छता ही सेवा 2026 के अंतर्गत पिलर-5 ‘स्वच्छता से समृद्धि’ की थीम पर नित्या वेलफेयर सोसाइटी द्वारा कैंटोनमेंट बोर्ड कानपुर के सहयोग से दो दिवसीय ‘कबाड़ से जुगाड़ एवं कबाड़ से कला’ कार्यक्रम का आयोजन कैंटोनमेंट बोर्ड जूनियर हाई स्कूल, बी.आई. बाजार, लाल कुर्ती में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में कचरा प्रबंधन, कचरे के पृथक्करण, पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण तथा रचनात्मक सोच के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा।
28 सितंबर को आयोजित पहले दिन के कार्यक्रम में विद्यार्थियों को गीले, सूखे, सैनिटरी और ई-वेस्ट सहित विभिन्न प्रकार के कचरे के उचित पृथक्करण के बारे में जानकारी दी गई। इसके बाद बच्चों ने अनुपयोगी एवं घरेलू स्तर पर उपलब्ध सामग्री का रचनात्मक उपयोग करते हुए विभिन्न उपयोगी एवं सजावटी वस्तुएं तैयार कीं। गतिविधियों को खेल, समूह कार्य और व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से कराया गया, जिससे विद्यार्थियों ने स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन को व्यवहारिक रूप से समझा।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने सिग्नेचर एवं स्वच्छता शपथ अभियान में भी भाग लिया। इस दौरान एकल-उपयोग प्लास्टिक से बचने, कचरे को अलग-अलग रखने तथा पुनः उपयोग एवं पुनर्चक्रण को अपनाने का संदेश दिया गया।
दूसरे दिन 29 सितंबर को कार्यक्रम को स्कूल से आगे बढ़ाते हुए अभिभावकों एवं समुदाय की सहभागिता के साथ गतिविधियां आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने अपने घरों से एकत्र की गई अनुपयोगी सामग्री का उपयोग करते हुए तैयार किए गए रचनात्मक मॉडल एवं उपयोगी उत्पाद प्रस्तुत किए। अभिभावकों ने बच्चों की रचनात्मक गतिविधियों में रुचि दिखाई और स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन को घर के स्तर पर अपनाने की आवश्यकता पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम में विद्यालय के लगभग 55 विद्यार्थी, 35 अभिभावक एवं समुदाय के सदस्य तथा 12 शिक्षक एवं स्कूल स्टाफ शामिल हुए। इसके साथ ही छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के 8 MSW विद्यार्थियों ने फील्ड वर्क एवं सामुदायिक सहभागिता के अंतर्गत कार्यक्रम में सहयोग किया। नित्या वेलफेयर सोसाइटी की टीम के 4 सदस्यों ने कार्यक्रम के संचालन एवं गतिविधियों में सहयोग किया।
कार्यक्रम में कैंटोनमेंट बोर्ड के सैनिटरी इंस्पेक्टर श्री संतोष कुशवाहा ने विद्यार्थियों को स्वच्छता के महत्व के बारे में संबोधित किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री अतुल शुक्ला ने भी विद्यार्थियों की रचनात्मक गतिविधियों की सराहना की और इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के अंत में रचनात्मक कार्य, सक्रिय सहभागिता एवं नवाचार के आधार पर चयनित 10 विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं उपयोगी उपहार देकर सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उत्पादों में पुराने प्लास्टिक, बोतल, कपड़े, कागज एवं अन्य अनुपयोगी सामग्री का उपयोग किया गया।
नित्या वेलफेयर सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य संदेश यही रहा कि कचरा केवल फेंकने की वस्तु नहीं, बल्कि सही सोच और रचनात्मकता के साथ उसे उपयोगी संसाधन में बदला जा सकता है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उनमें रचनात्मकता, जिम्मेदारी और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने में सहायक हैं।
कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों, MSW विद्यार्थियों तथा आयोजक संस्था की संयुक्त सहभागिता के साथ हुआ।

