
संवाददाता-राजेश पन्त
रामनगर–बेतालघाट। रामनगर–नैनीताल स्टेट हाईवे-87 के भंडारपानी–डौनपरेवा–ओखलढूंगा–तल्लीसेठी–बेतालघाट–बर्धो–भुजान–बिल्लेख मोटर मार्ग पर डामरीकरण और सुधारीकरण को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। सड़क की बदहाली को लेकर पूर्व दर्जा राज्यमंत्री पी.सी. गोरखा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने अधिशासी अभियंता रामनगर से मुलाकात कर विभाग के सामने अपनी नाराजगी दर्ज कराई।
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं के बावजूद लोक निर्माण विभाग गंभीरता नहीं दिखा रहा है, जिसका खामियाजा बेतालघाट क्षेत्र की जनता को खराब सड़क और गड्ढों के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
तीन बार घोषणा, सड़क फिर भी गड्ढों में!
पूर्व दर्जा राज्यमंत्री पी.सी. गोरखा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा पिछले वर्षों में इस क्षेत्र की सड़क को लेकर तीन अलग-अलग घोषणाएं की गईं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में बेतालघाट के रामलीला मंच से रामनगर–बेतालघाट–कैंचीधाम मोटर मार्ग को टू-लेन बनाने की घोषणा की गई थी। इसके बाद वर्ष 2025 में नैनीताल क्लब में भंडारपानी–अमगढ़ी–डौनपरेवा–बेतालघाट मोटर मार्ग के डामरीकरण एवं सुधारीकरण की घोषणा हुई। वहीं देहरादून में रामनगर–अमगढ़ी–ओखलढूंगा–बेतालघाट मार्ग के सुधारीकरण की घोषणा किए जाने की बात भी उन्होंने कही।
गोरखा ने सवाल उठाया कि जब घोषणाएं तीन-तीन बार हो चुकी हैं तो फिर सड़क के गड्ढे भरने के लिए भी जनता को इंतजार क्यों करना पड़ रहा है?
उन्होंने कहा कि बेतालघाट और कैंचीधाम को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग की हालत पिछले कई वर्षों से खराब है। सरकार की ओर से 15 अक्टूबर तक गड्ढे भरने की बात कही जा रही है, लेकिन धरातल पर जनता सड़क की हालत देखकर सवाल उठा रही है।

PWD का जवाब—95 करोड़ का प्रस्ताव शासन में अटका
वहीं अधिशासी अभियंता संजय कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि विभाग की ओर से आपदा प्रबंधन के अंतर्गत 1.95 करोड़ रुपये का स्टीमेट शासन को स्वीकृति के लिए भेजा गया है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में अमगढ़ी से ओखलढूंगा के बीच करीब 10 किलोमीटर सड़क का हिस्सा बेहद खराब स्थिति में है, जहां आपदा मद के अंतर्गत गड्ढा भरान का काम चल रहा है।
अधिशासी अभियंता के अनुसार लोक निर्माण विभाग के कुमाऊं चीफ की ओर से भी 10 किलोमीटर सड़क का आगणन तैयार करने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। सड़क का निरीक्षण कर एक सप्ताह के भीतर आगणन तैयार कर अग्रिम कार्रवाई के लिए प्रस्तुत कर दिया जाएगा।
घोषणाओं से आगे कब बढ़ेगा काम?
अब बड़ा सवाल यही है कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं से लेकर विभागीय आगणन और शासन की स्वीकृति तक आखिर बेतालघाट की सड़क कब तक फंसी रहेगी? जनता को घोषणाएं नहीं, बल्कि गड्ढामुक्त और सुरक्षित सड़क चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल में जिला पंचायत सदस्य हेमचंद्र नैनवाल, हीरासिंह भंडारी, इंद्र सिंह बोहरा, जसवंत सिंह, कैलाश चंद्र आर्य, प्रताप चंद्र, संजय कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
अब देखना यह है कि एक सप्ताह में तैयार होने वाला आगणन सड़क की तस्वीर बदलता है या फिर यह मार्ग एक बार फिर घोषणाओं और आश्वासनों के गड्ढे में धंस जाता है।

